'राजभाषा कार्यान्वयन में डिजिटल टूल्स का उपयोग'

एक दिवसीय कार्यशाला की रूपरेखा



इस हिंदी कार्यशाला का मुख्य प्रयोजन प्रतिभागियों को कंप्यूटर पर हिंदी में काम करने में सक्षम करना है. हमने देखा है कि थोड़ा सा प्रशिक्षण पा कर सभी लोग आसानी से हिंदी में काम करने लगते है. सबसे बड़ी बात है कि कंप्यूटर पर हिन्दी में काम करने के लिए हिन्दी टाइपिंग न जानना कोई अक्षमता नहीं रह जाती है.


'राजभाषा कार्यान्वयन में डिजिटल टूल्स का उपयोग' कार्यशाला का मुख्य प्रयोजन लक्ष्य प्रतिभागियो को कंप्यूटर पर व्यवहारिक प्रशिक्षण दे कर सक्षम करना है और उनमें यह एहसास जागृत करना है कि हिन्दी में कंप्यूटर पर काम करना केवल आसान ही नहीं; इससे उनके रोज़मर्रा के काम का निष्पादन बहुत आसानी से संभव है.


पूर्णदिवसीय कार्यशाला की रूपरेखा: कार्यशाला सामान्यता चार सत्रों की होगी


पहला सत्र - राजभाषा नीति- अनुपालन अब क्यों और भी जरूरी हो गया है.

दूसरा और तीसरा सत्र - राजभाषा कार्यान्वयन में डिजिटल टूल्स की जानकारी, प्रदर्शन और अभ्यास.

चौथा सत्र - प्रतिभागियो द्वारा हिन्दी में अपने काम के निष्पादन का अभ्यास.


प्रत्येक सत्र सवा घंटे का होगा.


हम ऐसी बहुत सी कार्यशालाएं आयोजित कर चुके हैं. इनके नतीजे बहुत ही सकारात्मक रहें हैं. प्रतिभागी इस कार्यशाला से न केवल लाभाविन्त होते हैं बल्कि राजभाषा के कार्यान्वयन में निश्चित रूप से वृद्धि भी होती है. इससे अकारण होने वाली राजभाषा नीति के दिशा निर्देशों की अवहेलना की सम्भावना को भी कम किया जा सकता है. हमें ख़ुशी है कि हमारे इस प्रयास को अपनाकर प्रयोक्ताओं ने हिंदी कार्यान्वयन में अपना योगदान देना शुरू कर दिया है.

ऊपर दिए हिंदी कार्यशाला कार्यक्रम में आवश्यकता अनुसार इनमे थोडा बहुत बदलाव किया जा सकता है. बस लक्ष्य तो प्रतिभागियों के लाभाविंत होने का है.



___________________________________________________________________________________________________________________________________

राकेश कुमार शर्मा

वरिष्ठ उप सचिव (Retd.)नयी दिल्ली

मोबाइल 09013904946 लैंड्लाइन 01122575188
rakesh@sahajdigital.com